मेरे मन की आवाज़ !
Sunday, April 29, 2012
"पता नहीं..ये आपकी काया है, माया हे या छत्रछाया है; हमें तो बस आप पे प्यार आया है !!"
" नज़र लगा लिया , नज़र उतार भी लिया ; फिर भी क्यों नहीं नज़रों से जाती हेई वो! अब तो लगता हे हमारी नज़र को ही नज़र लग गयी "
" सपने तो फिर सपने होते हैं , सच हैं लेकिन अपने तो होते हैं ! "
"आह! ये कैसा प्यार है, कभी कभी लगता है - अति आचार है!!"
Sunday, January 29, 2012
"कोई किसी के लिए नहीं जीता और कोई किसी के बगैर नहीं मरता!"
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)