मेरे मन की आवाज़ !
Wednesday, August 31, 2011
" कभी कभी समझ में नहीं आता - अपनी नज़र से देखूं, अपनों की नज़र से देखूं, दूसरों की नज़र से देखूं या दुनिया की नज़र से देखूं ! "
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment